हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने की मुहिम को कोर्ट से मिली हरी झंडी, दुकानदारों को एक महीने का समय
नैनीताल हाई कोर्ट ने हल्द्वानी में मंगल पड़ाव से रोडवेज बस स्टेशन तक सड़क चौड़ीकरण के प्रशासनिक अभियान पर लगी रोक हटा दी है, जिससे हल्द्वानी में अतिक्रमण विरोधी अभियान को तेज़ी मिलने की उम्मीद है। इस निर्णय के तहत हाई कोर्ट ने दुकानदारों को सार्वजनिक संपत्ति से स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए एक महीने का समय दिया है। यह फैसला शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़क चौड़ीकरण के महत्व को देखते हुए लिया गया है।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई, जहां पांच दुकानदारों के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को सूचित किया कि प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किए गए अतिक्रमण को वे खुद हटाना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए तकनीकी सहायता और उचित समय की मांग की थी।
सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पिछले आदेश में लगी रोक के कारण सड़क चौड़ीकरण का काम रुक गया था, जिससे हल्द्वानी में यातायात की समस्या गंभीर होती जा रही थी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी त्योहारी सीजन के दौरान इस क्षेत्र में यातायात का दबाव और बढ़ जाएगा, जिससे शहर की स्थिति और जटिल हो सकती है। सड़कें संकरी होने की वजह से दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ जाता है, इसलिए कोर्ट का यह फैसला समय पर लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
हाई कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि वह अन्य स्थानों को छोड़कर पहले इस मुख्य सड़क का चौड़ीकरण करे ताकि यातायात की समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जा सके। इसके साथ ही, कोर्ट ने याचिकाकर्ता दुकानदारों को अपने अतिक्रमण हटाने के लिए एक महीने का समय दिया है, ताकि वे स्वेच्छा से इस अभियान का पालन कर सकें और भविष्य में किसी कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
इस फैसले के बाद हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने का अभियान और तेज हो जाएगा, जिससे शहर में यातायात सुगम होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और यात्रियों को राहत मिलेगी। सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ यह कदम शहर की विकास योजनाओं का भी एक हिस्सा है, जो हल्द्वानी की बढ़ती आबादी और यातायात समस्याओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
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