अलवर हत्याकांड: संतोष उर्फ संध्या शर्मा व हनुमान उर्फ जैक को आजीवन कारावास की सजा
अलवर जिले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या का मामला, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया था, में अपर जिला और सत्र न्यायाधीश संख्या-2, रेणु श्रीवास्तव ने मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने मुख्य आरोपी संतोष उर्फ संध्या शर्मा और उसके प्रेमी हनुमान उर्फ जैक को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाने की सजा सुनाई है।
इस सनसनीखेज हत्या कांड के खुलासे के दौरान पुलिस ने संतोष, उसकी पत्नी बनवारीलाल शर्मा, हनुमान प्रसाद उर्फ जैक, कपिल, और दीपक उर्फ बुगला को गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, संतोष को अपने पति और बेटे की रोक-टोक पसंद नहीं थी, जिससे वह परेशान होकर हनुमान को अपनी स्थिति के बारे में बताती थी। दोनों के बीच की बढ़ती नजदीकियों ने इस कदर हवा पकड़ी कि उन्होंने एक योजना बनाई कि संतोष के परिवार को खत्म कर दिया जाए।
जांच में पता चला कि संतोष और हनुमान ने हत्या से पहले परिवार के सदस्यों को नींद की गोलियां देने की योजना बनाई थी ताकि कोई भी शोर न मचा सके। हनुमान ने संतोष को ये गोलियां दी थीं, जो उसने अपने दोस्त से मंगाई थीं। संतोष ने इन गोलियों को पीसकर उन्हें अपने परिवार के सदस्यों को खिलाया। हालांकि, संतोष की छोटी बहन ने उसे गोलियां पीसते हुए देखा था, लेकिन उसे समझ में नहीं आया कि यह क्या था। इसके बाद, उसकी छोटी बहन और उसका बेटा भी बेहोश हो गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि संतोष और हनुमान का हत्या का मुख्य लक्ष्य सिर्फ बनवारीलाल और उनके बेटे मोहित थे। लेकिन जब उनके तीनों बच्चे जाग गए, तो उन्हें भी निर्ममता से मार दिया गया। घटनाक्रम के दौरान, संतोष की छोटी बहन कविता का बेटा ऊपर की मंजिल पर था, और कहा जा रहा है कि यदि वह भी कमरे में होता, तो उसे भी मौत का सामना करना पड़ता।
हत्या के बाद, संतोष लगभग 6 घंटे तक शवों के पास बैठी रही। सुबह 6 बजे उसने शोर मचाना शुरू किया और पूरे मामले का आरोप अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर डाल दिया। इसके बाद, तीनों आरोपी संतोष की स्कूटी लेकर फरार हो गए। संतोष ने उन्हें 3,000 रुपए भी दिए थे और स्कूटी को रेलवे स्टेशन के पास एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया था।
यह मामला न केवल एक जघन्य अपराध की परिकल्पना को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि घरेलू असहमति और आपसी विश्वास कैसे एक भयानक अंत में बदल सकते हैं। अदालत का यह फैसला हत्या के आरोपियों को सजा देने के साथ-साथ इस तरह की वारदातों के खिलाफ सख्त संदेश भी भेजता है।
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